Saturday, November 28, 2009

ज्यामिति कमजोर थी...

(१)
अब तो आदत सी हो गयी है,
सितम सहने की हमें,


कभी इंटरनेट तो कभी तुम...
***
(२)
डर लगता है मुझे,
कैसे काटेंगे बिन तेरे,


उम्र है कोई रात नही है...
***
()
चलते रहे सीधी लाइन पर,
लिए मन में पुनर्मिलन की आस,


हम दोनों की ज्यामिति कमजोर थी...
***
(४)
पहुँच तो गया था मैं,
सही वक़्त पर तुझे मनाने,


क्या पता था, तेरी घड़ी फास्ट है...
***
(५)
जाने कबसे घड़ी ख़राब थी,
ठीक करवा कर ले आया हूँ,


समय अब भी सही नहीं हुआ...
***
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